देशभर के दिग्गज एनेस्थीसिया विशेषज्ञों का सुभारती में जमावड़ा, 15वें आईएसएकॉन-यूके 2026 का भव्य शुभारंभ

देहरादून। गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा में 15वें राज्य स्तरीय वार्षिक एनेस्थीसिया सम्मेलन ‘आईएसएकॉन-यूके 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय एनेस्थीसियोलॉजिस्ट सोसायटी (ISA) की उत्तराखंड राज्य इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन के प्रथम दिवस पर देश के विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से आए एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, वरिष्ठ चिकित्सकों एवं युवा चिकित्सकों ने सहभागिता की। यह कॉन्फ्रेंस 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलेगी । 30 अक्टूबर को कार्यशाला आयोजित की गई थी ।
‘द सीमलेस स्पेक्ट्रम ऑफ एनेस्थीसिया 360° – वाइटैलिटी, विजिलेंस एंड विज़न’ थीम पर आधारित इस सम्मेलन में एनेस्थीसिया चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम वैज्ञानिक उपलब्धियों, आधुनिक उपचार तकनीकों, मरीजों की सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक चर्चा की गई।


आज मुख्य सम्मेलन के पहले दिवस पर आयोजित वैज्ञानिक सत्रों में बाल चिकित्सा एनेस्थीसिया, क्षेत्रीय एनेस्थीसिया, प्रसूति एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, एयरवे मैनेजमेंट, रोबोटिक सर्जरी तथा अल्ट्रासाउंड आधारित एनेस्थीसिया जैसी महत्वपूर्ण विषयवस्तुओं पर विशेषज्ञों ने अपने विचार एवं अनुभव साझा किए। इसके अतिरिक्त बाल चिकित्सा एनेस्थीसिया में सुरक्षा, सेप्सिस प्रबंधन, न्यूरोप्रोटेक्टिव एनेस्थीसिया, हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग तथा आधुनिक सर्जिकल प्रक्रियाओं में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एनेस्थीसिया, स्मार्ट मॉनिटरिंग, ओपिओइड-फ्री एनेस्थीसिया तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे समसामयिक विषयों को स्थान दिया गया। युवा चिकित्सकों के लिए आयोजित ‘युवा सत्र’में नई पीढ़ी के चिकित्सकों ने अपने शोध एवं वैज्ञानिक विचार प्रस्तुत किए। वहीं, विभिन्न पैनल चर्चाओं, वाद-विवाद एवं इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से चिकित्सकों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला।
डॉ सृष्टि वर्मा को विश्व के सबसे ऊंचे शिवधाम श्री तुंगनाथ मंदिर में तेरह हजार फुट की ऊंचाई पर जीवनरक्षक प्रशिक्षण देने के लिए विशेष पुरुस्कार से नवाज़ा गया ।
सम्मेलन में भारतीय एनेस्थीसियोलॉजिस्ट सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नवीन मल्होत्रा, राष्ट्रीय मानद सचिव डॉ. राजीव गुप्ता सहित देश के विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों की सहभागिता रही। सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए गठित आयोजन समिति में डॉ. जी.एस. जीते एवं डॉ. अतुल कुमार सिंह को आयोजन अध्यक्ष (ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन), डॉ. रोबिना मक्कर को सह-आयोजन अध्यक्ष, डॉ. प्रीतिश रंजन को आयोजन सचिव, डॉ. मीनल चौहान एवं डॉ. संजूल डंडोना को संयुक्त आयोजन सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी क्रम में डॉ. दिव्या गुप्ता को वैज्ञानिक अध्यक्ष, डॉ. आस्था श्रीवास्तव को सह-वैज्ञानिक अध्यक्ष, डॉ. स्वाति सिंघल को वैज्ञानिक सचिव, डॉ. आशुतोष सिंह को कोषाध्यक्ष तथा डॉ. मोहित सैनी को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
कार्यक्रम में डायरेक्टर डॉ. ब्रिगेडियर वी.पी. सिंह, कुलपति डॉ. देश दीपक, प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार मेहता, उप प्राचार्या डॉ रूपा हँसपाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (ले. कर्नल) राहुल शुक्ला, सहायक परियोजना निदेशक डॉ. लोकेश त्यागी, प्रचार-प्रसार एवं मार्केटिंग प्रमुख डॉ. प्रशान्त कुमार भटनागर तथा ओ.एस.डी. डॉ. रितेश श्रीवास्तव मौजूद रहे ।

आयोजकों के अनुसार, इस सम्मेलन का उद्देश्य एनेस्थीसिया चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों का आदान-प्रदान, चिकित्सकों के व्यावसायिक कौशल का विकास तथा मरीजों को अधिक सुरक्षित एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। सम्मेलन का दूसरा दिवस 1 नवंबर को भी विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों, शोध प्रस्तुतियों एवं विशेषज्ञ चर्चाओं के साथ आयोजित किया जाएगा।

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