अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी विभागों को नाबार्ड में अवशेष धनराशि हेतु प्रतिपूर्ति के बिलों को समयबद्धता से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य हेतु भारत सरकार द्वारा आरआईडीएफ के मानक आवंटन हेतु कुल 650 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही एसीएसी आनन्द बर्द्धन ने वर्ष 2025-26 के लिए संचालित प्रोजेक्ट, संवितरण, ऋण लक्ष्यों की प्रगति की कार्ययोजना पर प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष विभागों द्वारा डिस्बर्समेंट की प्रगति पर शीघ्रता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने सभी विभागों को इस दिशा में तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि विभागों द्वारा वितरण एवं अदायगियों में आ रही समस्याओं का निस्तारण कर कार्यों को समयबद्धता से पूरा किया जाए। एसीएस ने प्रोजेक्ट्स की निरन्तर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए पीएम गति शक्ति उत्तराखण्ड पोर्टल पर भी लगातार अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
अपर मुख्य सचिव ने ऑफ सीजन फलों एवं सब्जियों के अधिक उत्पादन वाले स्थानों चकराता, मोरी में आरम्भ में कलेक्शन सेंटर का संचालन आरम्भ करते हुए भविष्य में मंडी की स्थापना, स्टोरेज व रोपवे की संभावना की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार, डा0 अहमद इकबाल, आनन्द श्रीवास्तव सहित नाबार्ड एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

More Stories
प्रधानमंत्री ने देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में किया 210 किमी लंबे, दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का किया लोकार्पण, विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी जरूरी–पीएम मोदी
राज्य में विकास की सौगात लेकर आता प्रधानमंत्री का दौरा, अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत – मुख्यमंत्री
बैसाखी पर सीएम धामी से सिख प्रतिनिधिमंडल की भेंट, सौंपा सरोपा, केंद्र व राज्य सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों की सिख समाज ने की सराहना