देहरादून
उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार की अध्यक्षता में आयोग कार्यालय देहरादून में आयोजित तीन दिवसीय जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 45 शिकायतों की सुनवाई की गई। इनमें से दोनों पक्षों की मौजूदगी में 26 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि आयोग का उद्देश्य अनुसूचित जाति समाज के पीड़ित एवं वंचित लोगों को संविधान एवं कानून के तहत त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। आयोग शिकायतों की सुनवाई के साथ पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी से शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण में सुविधा होती है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आयोग तक आने की आवश्यकता न पड़े।
आयोग की सचिव कविता टम्टा ने बताया कि 1 से 3 सितंबर तक आयोजित जनसुनवाई में टिहरी, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर सहित विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनी गईं। उन्होंने अधिकारियों को आयोग द्वारा दिए जाने वाले आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में अनुसूचित जाति परिवारों की भूमि से अवैध कब्जा हटाने, भूमि पैमाइश, उत्पीड़न, आउटसोर्स कार्मिकों को सेवा से न हटाने, भूमि का मालिकाना हक, पदोन्नति, सेवा बहाली एवं जातिगत भेदभाव सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य विशाल मुखिया, सुनीता देवी, भागीरथी कुंजवाल, विधि सलाहकार राजू मेहर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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