मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि विभाग अधिकारी कर्मचारी खुद लोगों के पास पहुंच शिकायतों का निस्तारण करें। मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए प्रदेश सरकार ने गत दिसंबर माह से 45 दिन का ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया था। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक बार फिर ये अभियान शुरु होने जा रहा है। इस बार 4 जुलाई से मनाए जा रहे सेवा पखवाड़ा (15 दिवस) के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करते हुए, जन समस्याओं का निराकरण किया जाएगा, साथ ही लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।
पिछली बार 5 लाख से अधिक की थी जनभागीदारी
दिसंबर माह में शुरु किए गए 45 दिन के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी निभाई, यही नहीं इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। इस अभियान को गवर्नेंस की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप भी सराहा गया।
लोगों को बिना किसी भागदौड़ के सरकारी सेवाएं मिली, यही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी क्रम में सभी जनपदों में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरु किया जा रहा है। इसमें सभी सक्षम अधिकारियों, कर्मचारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड
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